A women-led federation building economic power for informal women workers – through cooperatives.
2024 में, सेवा को-ऑपरेटिव फेडरेशन ने महिलाओं की सहकारी मंडलियों और सामूहिक संगठनों की निर्वाचित आगेवानों के लिए एक दीर्घकालिक फेलोशिप सहभागी शिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की । यह फेलोशिप महिलाओं को सोचने, अनुभवों पर चिंतन करने और अपनी मंडलियों का आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व करने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने का अवसर देती है।
“सेवा की बोर्ड बैठक के दौरान मैंने उसकी प्रक्रिया को बारीकी से समझा और अब अपनी बोर्ड मीटिंग भी उसी तरह संचालित करने की योजना बना रही हूँ।”
Bindu Devi, BoD, GMKBSSL, Jharkhand
सेवा को-ऑपरेटिव फेडरेशन, असंगठित महिला श्रमिकों की सहकारी मंडलियों के लिए एक महिला उद्यम सहायता प्रणाली (WESS) के रूप में कार्य करता है। नीचे दिए गए पाँच स्तंभ हमारे सहयोग को रूप देते हैं।
हम सतत सीखने की प्रक्रिया के माध्यम से महिलाओं की सहकारी मंडलियों में नेतृत्व और शासन प्रक्रियाओं को मजबूत करते हैं, जिससे समय के साथ आत्मविश्वास और संस्थागत सशक्तिकरण विकसित होता है।
सहकारी मंडलियों की निर्वाचित महिलाओं के लिए एक दीर्घकालिक नेतृत्व यात्रा, जो चिंतन, सहकर्मी-शिक्षण और शासन प्रक्रियाओं को मजबूत करने का अवसर देती है।
हम महिला समूहों के साथ मिलकर बाज़ार तक न्यायपूर्ण और व्यावहारिक पहुँच के रास्ते विकसित करते हैं, जिससे जोखिम कम हो और महिलाओं का अपने बाज़ार संबंधों पर नियंत्रण मजबूत हो।
हम महिलाओं के सामूहिक अनुभवों को नीति संवादों तक पहुँचाते हैं और ऐसे ढाँचों की नीति पैरवी करते हैं जो असंगठित महिला श्रमिकों के उद्यमों को पहचान और सहयोग प्रदान करें।
हम असंगठित महिला श्रमिकों के साथ मिलकर सहकारी मंडलियों के गठन, सशक्तिकरण और पुनर्जीवन की प्रक्रिया में साथ चलते हैं।

खेती और बाज़ारों पर सामूहिक नियंत्रण विकसित करती हुई महिलाएँ ।

साझा नेतृत्व और रोज़मर्रा के उद्यम संचालन को संतुलित करती महिला संचालित डेरी मंडलियाँ।

पारंपरिक शिल्प को सामूहिक रूप से बाज़ार से जोड़ती महिला कारीगर मंडलियाँ।

सामूहिक संगठन के माध्यम से अदृश्य देखभाल कार्य को दृश्यमान बनाना ।

उन क्षेत्रों में सामूहिक पहचान का निर्माण जहाँ महिलाओं की भागीदारी परंपरागत रूप से सीमित रही है।

आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करती महिलाओं की वित्तीय सहकारी मंडलियाँ।
गुजरात राज्य महिला सेवा सहकारी महासंघ की स्थापना असंगठित महिला श्रमिकों की सहकारी मंडलियों के लिए सहयोगी व्यवस्था के रूप में हुई। भारत में अपनी तरह की पहली संस्था।
अहमदाबाद की पहली महिलाओं के स्वामित्व और संचालन वाली सब्ज़ी दुकान APMC में स्थापित हुई।
निर्माण जैसे पुरुष-प्रधान क्षेत्र में महिला श्रमिकों की पहली सहकारी मंडली की स्थापना।
विश्व आर्थिक मंच (WEF) द्वारा भारत के अग्रणी 50 कोविड उत्तरदाताओं में शामिल।
किसी भारतीय संस्था का पहली बार CICOPA बोर्ड में प्रतिनिधित्व।
कहानियाँ, संवाद और अनुभव — असंगठित महिला श्रमिकों की अपनी आवाज़ में।
पिछले तीन वर्षों में हमने विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिला सहकारी सदस्याओं के जीवन और कार्यों को दस्तावेजीकृत किया है। यहाँ उनकी कुछ कहानियाँ प्रस्तुत हैं।
महिला सहकारी और सामूहिक संगठन की आगेवान महिलाओं के साथ काम, नेतृत्व और सामूहिक जीवन पर संवाद।
हमारा न्यूज़लेटर महिलाओं की सहकारी और सामूहिक अर्थव्यवस्थाओं से जुड़ी कहानियाँ, अनुभव और महत्वपूर्ण अपडेट सीधे आपके इनबॉक्स तक पहुँचाता है।