SEWA Cooperative Federation

A women-led federation building economic power for informal women workers – through cooperatives.

Building the Next Generation of Women Leaders in Informal Economy

2024 में, सेवा को-ऑपरेटिव फेडरेशन ने महिलाओं की सहकारी मंडलियों और सामूहिक संगठनों की निर्वाचित आगेवानों के लिए एक दीर्घकालिक फेलोशिप सहभागी शिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की । यह फेलोशिप महिलाओं को सोचने, अनुभवों पर चिंतन करने और अपनी मंडलियों का आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व करने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने का अवसर देती है।

“सेवा की बोर्ड बैठक के दौरान मैंने उसकी प्रक्रिया को बारीकी से समझा और अब अपनी बोर्ड मीटिंग भी उसी तरह संचालित करने की योजना बना रही हूँ।”

हम क्या करते हैं

सेवा को-ऑपरेटिव फेडरेशन, असंगठित महिला श्रमिकों की सहकारी मंडलियों के लिए एक महिला उद्यम सहायता प्रणाली (WESS) के रूप में कार्य करता है। नीचे दिए गए पाँच स्तंभ हमारे सहयोग को रूप देते हैं।

कौशल विकासCapacity Building

हम सतत सीखने की प्रक्रिया के माध्यम से महिलाओं की सहकारी मंडलियों में नेतृत्व और शासन प्रक्रियाओं को मजबूत करते हैं, जिससे समय के साथ आत्मविश्वास और संस्थागत सशक्तिकरण विकसित होता है।

जमीनी स्तर के नेतृत्व हेतु फेलोशिप

सहकारी मंडलियों की निर्वाचित महिलाओं के लिए एक दीर्घकालिक नेतृत्व यात्रा, जो चिंतन, सहकर्मी-शिक्षण और शासन प्रक्रियाओं को मजबूत करने का अवसर देती है।

बाज़ार संपर्क

हम महिला समूहों के साथ मिलकर बाज़ार तक न्यायपूर्ण और व्यावहारिक पहुँच के रास्ते विकसित करते हैं, जिससे जोखिम कम हो और महिलाओं का अपने बाज़ार संबंधों पर नियंत्रण मजबूत हो।

नीति समर्थन

हम महिलाओं के सामूहिक अनुभवों को नीति संवादों तक पहुँचाते हैं और ऐसे ढाँचों की नीति पैरवी करते हैं जो असंगठित महिला श्रमिकों के उद्यमों को पहचान और सहयोग प्रदान करें।

सहकारी मंडली का विकास

हम असंगठित महिला श्रमिकों के साथ मिलकर सहकारी मंडलियों के गठन, सशक्तिकरण और पुनर्जीवन की प्रक्रिया में साथ चलते हैं।

हमारे कार्य के क्षेत्र

असंगठित महिलाओं का कार्य अनेक रूपों में सामने आता है। सेवा को-ऑपरेटिव फेडरेशन छह प्रमुख क्षेत्रों में कार्य करता है।

भूमि आधारित (कृषि एवं कृषि संलग्न गतिविधियाँ)

खेती और बाज़ारों पर सामूहिक नियंत्रण विकसित करती हुई महिलाएँ ।

डेरी

साझा नेतृत्व और रोज़मर्रा के उद्यम संचालन को संतुलित करती महिला संचालित डेरी मंडलियाँ।

हस्तशिल्प

पारंपरिक शिल्प को सामूहिक रूप से बाज़ार से जोड़ती महिला कारीगर मंडलियाँ।

देखभाल एवं सेवाएँ

सामूहिक संगठन के माध्यम से अदृश्य देखभाल कार्य को दृश्यमान बनाना ।

श्रम

उन क्षेत्रों में सामूहिक पहचान का निर्माण जहाँ महिलाओं की भागीदारी परंपरागत रूप से सीमित रही है।

बचत एवं ऋण

आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करती महिलाओं की वित्तीय सहकारी मंडलियाँ।

हमारे मुख्य कार्य क्षेत्र

ये प्रमुख क्षेत्र यह निर्धारित करते हैं कि सेवा को-ऑपरेटिव फेडरेशन बदलती परिस्थितियों में असंगठित महिला श्रमिकों के साथ कैसे कार्य करता है।

वित्तीय स्थिरता

महिला सहकारी मंडलियाँ बदलते बाज़ारों और वित्तीय दबावों के बीच अपनी स्थिरता कैसे बनाए रखती हैं।
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नयापन

ऐसे समाधान जो महिलाओं के अनुभवों और रोजमर्रा की चुनौतियों से विकसित होते हैं।
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समावेशी डिजिटलीकरण

यह सुनिश्चित करना कि डिजिटल साधन महिला सहकारी मंडलियों को मजबूत करें, उनका मूल्य कम न करें।
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युवा सहभागिता

काम, आवाज़ और नेतृत्व में युवा महिलाओं की भागीदारी के अवसर विकसित करना।
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जलवायु परिवर्तन

जलवायु परिवर्तन महिलाओं के काम को प्रभावित कर रहा है। सहकारी मंडलियाँ सामूहिक रूप से इसके अनुरूप बदलाव कर रही हैं।
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हमारी पहुँच और निरंतरता

सेवा को-ऑपरेटिव फेडरेशन में हमारे कार्य के कुछ पहलुओं को आंकड़ो में देखा जा सकता है। कई बदलाव समय के साथ विकसित होते हैं।
Total Enterprise Turnover
0 M ($8M)
Total Women Workers Reached
0
Income Generated
0 M ($849K)
Women Workers & Families Employed
0
Women Trained across 11 states
0
Revenue via Market Linkages
0 M ($436K)

विशेष ज्ञान

महिलाओं की सहकारी मंडलियों के साथ तीन दशकों से अधिक समय तक काम करने के अनुभव ने शासन, बाज़ार, जलवायु और सामूहिक स्थिरता पर एक महत्वपूर्ण ज्ञान-संग्रह तैयार किया है। हमने जो सीखा और दस्तावेजीकृत किया है, उसे यहाँ देखें।

हमारी यात्रा

1992
फेडरेशन की स्थापना

गुजरात राज्य महिला सेवा सहकारी महासंघ की स्थापना असंगठित महिला श्रमिकों की सहकारी मंडलियों के लिए सहयोगी व्यवस्था के रूप में हुई। भारत में अपनी तरह की पहली संस्था।

1999
शॉप नं. 40

अहमदाबाद की पहली महिलाओं के स्वामित्व और संचालन वाली सब्ज़ी दुकान APMC में स्थापित हुई।

2005
रचयिता निर्माण सहकारी मंडली

निर्माण जैसे पुरुष-प्रधान क्षेत्र में महिला श्रमिकों की पहली सहकारी मंडली की स्थापना।

2021
कोविड-19 के 50 प्रमुख /अग्रणी उत्तरदाता

विश्व आर्थिक मंच (WEF) द्वारा भारत के अग्रणी 50 कोविड उत्तरदाताओं में शामिल।

2023
CICOPA बोर्ड

किसी भारतीय संस्था का पहली बार CICOPA बोर्ड में प्रतिनिधित्व।

असंगठित क्षेत्र की महिलाओं की आवाज़

कहानियाँ, संवाद और अनुभव — असंगठित महिला श्रमिकों की अपनी आवाज़ में।

पिछले तीन वर्षों में हमने विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिला सहकारी सदस्याओं के जीवन और कार्यों को दस्तावेजीकृत किया है। यहाँ उनकी कुछ कहानियाँ प्रस्तुत हैं।

महिला सहकारी और सामूहिक संगठन की आगेवान महिलाओं के साथ काम, नेतृत्व और सामूहिक जीवन पर संवाद।

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